गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों को डीमैट में बदलने के लिए बनेगी समयबद्ध योजना

0
11

नई दिल्लीः सरकार गैर – सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों को डी-मैट में बदलने के लिए एक समयबद्ध कार्य योजना पर काम कर रही है। हालांकि सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) को इससे छूट मिलने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है।  इन कंपनियों के शेयरों को डीमैट यानी इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में रखने से किसी अवैध सौदे में इनका इस्तेमाल रोका जा सकेगा।

अधिकारी ने कहा कि कंपनियों के लिए अपने शेयरों को डीमैट में बदलने के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना पिछले कुछ समय से कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के विचाराधीन है।  उसने कहा कि इस मामले में शेयरों को बदलने में लगने वाले जरूरी संक्रमण काल तथा नियामकों द्वारा जब्त किये गये शेयरों की स्थिति जैसे मुद्दों को हल करने के बाद इस बारे में निर्णय ले लिया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि प्रवर्तकों , निदेशकों , प्रमुख प्रबंधकीय लोगों तथा इनके संबंधियों के लिए शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में बदलना अनिवार्य किये जाने का अनुमान है। इसके साथ ही भौतिक स्वरूप में शेयरों का हस्तांतरण रोक दिया जाएगा।

रूपरेखा के क्रियान्वयन से पहले एमएसएमई समेत चुनिंदा श्रेणी की कंपनियों को छूट जैसे वृहद मुद्दों को हल कर लिया जाएगा।उसने कहा कि एमएसएमई को इससे छूट मिलने की संभावना है। अधिकारी ने कहा कि रजिस्ट्रारों तथा शेयर हस्तांतरण एजेंटों की शेयरों को डीमैट स्वरूप में बदलने में भूमिका भी बतायी जाएगी। रूपरेखा तैयार हो जाने के बाद यह नयी गैरसूचीबद्ध कंपनियों के लिए भी लागू होगी। उल्लेखनीय है कि देशभर में 17.70 लाख से अधिक पंजीकृत कंपनियां हैं। इनमें से सिर्फ 11.84 लाख कंपनियां ही सक्रिय हैं। मंत्रालय ने पहले ही ऐसी करीब 2.26 लाख कंपनियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया जो कि लंबे समय से कोई काम नहीं कर रही हैं। करीब इतनी ही कंपनियों पर सरकार की नजर भी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

+ 66 = 76