दरोगा युवराज तिवारी काम नही कारनामों से जाने जाते है…..

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संवादाता (विनोद कुमार तिवारी):- एक ऐसा चौकने वाला मामला सामने आया है जिसमे पीड़ित ने आरोप लगाया है की विपक्षी बनारसी प्रसाद से प्रार्थी का जमीनी विवाद है जिसका मामला भिन्न भिन्न न्यायालय पर विचाराधीन है , जिसमे विपक्षी बनारसी कें प्रार्थना पत्र पर उक्त दरोगा पीड़ित कें घर जाकर उसके घर मे घुस कर मारे पीटे एवं उसकी भतीजी से अभद्रता किए तथा विपक्षी क़ो 6″बोरा धान लदवा दिए । तथा समाधन दिवस मे सबको स्थानीय थाने पर बुलाया जंहा पर विपक्षी कें सामने पीड़ित सुनील क़ो पुनः थप्पड़ मारना शुरू कर दिया एवं कहा की इनको खेत और धान दे दो जबकि मामला सक्षम न्यायालय पर विचाराधीन है ।
क्या है पूरा मामला ।
पीड़ित का कथन है की वह 6 भाई थे जिसमे विपक्षी बनारसी प्रशाद क़ो पीड़ित कें छोटे बाबा गोद ले लिए थे तभी से विपक्षी छोटे बाबा से निवास ग्राम महदईया , जिला श्रावस्ती मे रह रहे है तथा समस्त अभिलेखों मे बनारसी प्रशाद पुत्र अयोध्या प्रशाद दर्ज कागजात है , जिन्होने श्रावस्ती मे अयोध्या प्रसाद का लड़का बनकर कई बार सम्पत्ति का विक्रय भी क़िया है जिसका कागजात भी पीड़ित कें पास मौजूद है और उक्त दरोगा एवं थानाध्यक्ष क़ो मुहैया भी कराया था , उसके बावजूद उक्त दरोगा और थानाध्यक्ष पीड़ित कें ऊपर खेत खाली करने का दबाव बना रहे है ।
भारतीय कानून ।
यदि कोइ व्यक्ति गोदनामे पर चला जाता है तो उसका पैतृक सम्पत्ति से समस्त अधिकार समाप्त हो जाते है तो ऐसे मे बनारसी प्रशाद जब गोदनामे पर अपने छोटे बाबा कें पास रह रहे है और समस्त अभिलेखों मे बनारसी प्रसाद पुत्र अयोध्या प्रसाद निवासी ग्राम महदैया , श्रावस्ती मे दर्ज कागजात है जो की पीड़ित सुनील कें पास कई लोकदस्तावेज साक्ष्य कें रूप मे मौजूद है तथा उपजिलाधिकारी गोंडा सदर ने उक्त विवादित भूमि कें वारे मे पीड़ित कें प्रार्थना पत्र पर अवैध कब्जे से रोकने हेतु पुलिस क़ो पूर्व मे निर्देशित भी किया जा चुका है । अब ऐसे मे यह प्रतीत हो रहा है की उक्त थानाध्यक्ष संतोष तिवारी एवं दरोगा यूवराज तिवारी ने खेत क़ो खाली कराने व विपक्षी क़ो जबरन अनाज उठवाने का ठेका ले रखा है ।
पीड़ित का बयान ।
उक्त कें संदर्भ मे आज समाधन दिवस कें नाम पर उक्त दरोगा ने थाने पर बुलाया जंहा विपक्षी कें सामने कई थप्पड़ मारते हुए कहा की खेत खाली कर दो और मुकदमे मे सुलह लगा लो नही तो किसी मुकदमे मे फंसाकर जेल भेज देंगे । पीड़ित सुनील ने आंखो मे आंसू मे भरकर कहा की अगर पुलिस इस तरह उत्पीड़न करेगी तो कप्तान कें कार्यालय मे आत्महत्या कर लेंगे ।

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