नाले से निकली सिल्ट वापिस नाले में चली जाती है

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ब्यूरो चीफ दिलीप लालवानी (फ़िरोज़ाबाद):- निगम खुद ही अपने सफाई अभियान को चूना लगा रहा है। एक तरफ सफाई कर्मी घंटों नाले में खड़े होकर सिल्ट निकाल रहे हैं तो फिर इसे उठाने की सुध नहीं ली जाती है। इससे जनता के धन की भी बर्बादी हो रही है। शहर के 60 फुटा रोड पर पिछले दिनों हुई नाला सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट धीरे-धीरे फिर से उन्हीं नालों का हिस्सा बन गई तो आसपास के लोग भी खुद अपने घरों के बाहर जलभराव को न्योता दे रहे हैं। मकान और दुकान का कूड़ा सीधे नालों में फेंके जाने से नाला फिर गंदगी से अट गया है। निगम प्रशासन ने लगभग एक दर्जन सफाई कर्मियों की टीम से लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबे नाले की सफाई का कार्य लगभग एक पखवाड़ा पहले कराया था, लेकिन नाला फिर से गंदगी से भरा पड़ा है। कश्मीरी गेट मुहल्ला से लेकर सम्राट नगर तक नाले में काफी गंदगी जमा हो गई है। आसपास के लोगों ने बताया कि रोड के दोनों तरफ के नालों की तलीझाड़ सफाई नहीं कराई गई थी। सफाई के नाम पर लकीर पिटी गई थी। सिल्ट निकालकर सड़क किनारे रख दी गई थी, लेकिन कई जगह उठान नहीं हुआ तो ऐसे में फिर से नालों में समा गई। लोगों ने बताया कि बरसात के दिनों में यहां अक्सर पानी भरा रहता है। सिल्ट से अटे नाले ठीक तरह पानी का बहाव नहीं कर पाते।सड़क के दोनों तरफ नालों पर लगभग दो दर्जन स्थान पर अतिक्रमण की समस्या है। कहीं नालों पर ही दुकान बनाई हैं तो कहीं मकान-दुकानों के स्लैब हैं। अतिक्रमणों के कारण ही कई जगह नाले मोड़ दिए गए हैं। इन कारणों से नालों की ठीक तरह सफाई नहीं हो पाती और सिल्ट जमा रहता है। पूरे मार्ग पर गंदगी: गुरूवार को साठ फुटा रोड पर गंदगी का नजारा दिखाई पड़ा। आसपास के लोगों ने बताया नगर निगम के सफाई कर्मी कई दिन से यहां कार्य पर नहीं आए हैं। निजी सफाई कर्मियों को रूपए देकर कार्य कराना पड़ता है, लेकिन वे भी ठीक तरह कार्य नहीं करते।

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