पहले लोग ऐसे करते थे प्यार का इजहार, 95 साल के इस बुजुर्ग ने बताई ये बात

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पटियाला. 50 साल पहले जब गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के पास दुकान शुरू की थी, तब मैं अकेले बैठता था। अब तो यहां पूरी बाजार सजती है। तब से अब तो पूरी बाजार बदल चुकी है। यह कहना है 95 साल के स्वर्ण सिंह का। स्वर्ण सिंह ने बताया कि वैलेनटाइन डे पर गुलाब के फूल का चलन तो काफी समय बाद हुआ है। पहले गेंदा से काम चला लेते थे। उन्होंने बताया कि इस समय गुलाब में लाल, पिंक ,ऑरेंज, वाइट, येलो, और भी कई तरह के गुलाब मार्केट में आ रहे हैं। सीजन में गुलाब और गेंदा बहुत मुश्किल से मिलता है, क्योंकि गुलाब की डिमांड बढ़ जाती है।

प्यार के इजहार का तरीका भी बदल गया

वेलेनटाइन वीक में इजहार का तरीका बदल गया है। पहले सिर्फ लोग गेंदे का इस्तेमाल करते थे। अब गेंदे के साथ-साथ कई तरह के फूलों को लोगों ने पसंद करना शुरू कर दिया है। फरवरी का महीना प्यार का महीना माना जाता है। ऐसे में लोग प्यार को खुश करने के लिए महंगे से महंगा गुलाब खरीद कर भेंट करते हैं।

20 गुना तक बढ़ गई गेंदे के फूल की कीमत

आज से 50 वर्ष पहले गेंदे की जो कीमत थी वह 300 कुंटल थी मगर अब इसकी कीमत पढ़कर 6000 कुंटल हो गई है। कीमत में 20 गुना इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि लोग पहले गेंदे की फूलों से ही अपनी गाड़ी को सजा लिया करते थे मगर अब फैशन यह हो गया है कि लोग अपनी गाड़ी को सजाने के लिए हर तरह के फूल का इस्तेमाल कर रहे हैं जो फूल आज 20 से 15 की एक कली मिल रही है सीजन के दौरान यही कली 40, 50 और सौ रुपए में बेच दी जाती है

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